23 दिन में 2.59 लाख शिकायतें ?
मुख्य सचिव की 21 जनवरी की कलेक्टर–एसपी वीडियो कांफ्रेंसिंग में की गई सख्त टिप्पणी के साथ ही रिव्यू में सामने आया कि लोगों की शिकायत की सुनवाई नहीं हो रही। 1 से 23 जनवरी के बीच प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 59 हजार 479 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन इनमें से सिर्फ 13.41% मामलों में ही शिकायतकर्ता ने संतुष्टि जताई।
यानी हर 100 शिकायतों में करीब 87 मामलों में लोग निपटारे से खुश नहीं हैं। हालात यह है कि 50 दिन से ज्यादा समय से लंबित शिकायतों की हिस्सेदारी 12.54% तक पहुंच चुकी है। यानी हर आठवीं शिकायत 50 से ज्यादा दिन पुरानी है।
इसके अलावा 9.83% शिकायतें निम्न गुणवत्ता के साथ बंद की गईं, जिससे निपटारे की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नॉन अटेंडेंट कैटेगरी में 25 हजार 811 का आंकड़ा यह दिखाता है कि बड़ी संख्या में शिकायतें ऐसी हैं, जिनमें शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया या फील्ड स्तर पर कार्रवाई तक नहीं हुई।
शिकायत निपटारे में सभी जिले डी रेटिंग में
शिकायतों के निराकरण की रेटिंग में प्रदेश के सभी जिले डी श्रेणी में दर्ज हैं। महानगरों को छोड़ दें तो सबसे ज्यादा शिकायतें मुरैना में 8112, सागर में 8022, शिवपुरी में 7662, छतरपुर में 6837, राजगढ़ में 6777 और भिंड में 6473 दर्ज की गई हैं। इसके अलावा विदिशा में 5941, उज्जैन में 5840, गुना में 5464, रायसेन में 5409 और टीकमगढ़ में 5257 शिकायतें दर्ज हैं।
1.74 लाख शिकायतें 100 दिनों से अधिक समय से लंबित
आंकड़े यह दिखाते हैं कि प्रदेश में 1.74 लाख से ज्यादा शिकायतें ऐसी हैं, जो 100 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़ी हैं। कम शिकायतों वाले जिलों में अलीराजपुर में 338, बुरहानपुर में 1223, हरदा में 1749, आगर मालवा में 1998, नीमच में 2386, श्योपुर में 2457 और शाजापुर में 2950 शिकायतें दर्ज हैं। वहीं खंडवा में 3200, दतिया में 3611, धार में 3737, नर्मदापुरम में 4063, देवास में 4163 और सीहोर में 4501 शिकायतें हुईं हैं।
निराकरण में सबसे बेहतर ऊर्जा विभाग काम कर रहा
दिसंबर माह के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग में दर्ज हुईं, जहां कुल 61,685 शिकायतों में से सिर्फ 37% मामलों में ही शिकायतकर्ता ने संतुष्टि जताई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 57,734 शिकायतें आईं, जिनमें 39% संतुष्टि के साथ बंद हुईं। जबकि ऊर्जा विभाग में 42,462 शिकायतों में 60% संतुष्टि के साथ निपटारा दिखाया गया, जो प्रमुख विभागों में सबसे बेहतर स्थिति है।

