गाइड लाइन 2026-27:एयरपोर्ट, हुरावली, अलापुर, खुरैरी व दाल बाजार सहित 300 लोकेशन पर बढ़ेंगे रेट

जमीन की कीमत तय करने वाली कलेक्टर गाइड लाइन 2026-27 पर अभी अफसर गंभीर नहीं हैं। शहर में उप मूल्यांकन समिति की बैठक न होना, विभागों से विकसित तथा स्वीकृत प्रोजेक्ट की जानकारी न आना इसका बड़ा प्रमाण है।
वहीं देरी की स्थिति में शुक्रवार को पंजीयन दफ्तर में बैठक हुई। इसमें अधिक कीमत पर हुईं पुरानी रजिस्ट्री, विकसित क्षेत्र और सर्वाधिक खरीद वाले क्षेत्रों में रेट वृद्धि का खाका तैयार किया गया। मौजूदा स्थिति में जिले की 300 लोकेशन पर रेट वृद्धि संभव है।
यह प्रस्ताव अब उप मूल्यांकन समिति में रखा जाएगा। यहां यदि कुछ संशोधन नहीं हुए तो उक्त प्रस्तावों पर मंजूरी मिल जाएगी। अभी उक्त समिति की तारीख ही तय नहीं है। यह काम 15 जनवरी से पहले होना था।
हमने तैयारी की, 3 को फिर आईजी संग होगी चर्चा
वरिष्ठ जिला पंजीयक अशोक शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को उप पंजीयकों संग बैठक की। महानिरीक्षक पंजीयन की गाइड लाइन पर दूसरी बैठक 3 फरवरी को होनी है। अभी जिले की इनकम व दस्तावेज दोनों ही गत वर्ष से कम हैं। अगले दो महीने में काम बढ़ेगा। इस बार औसत वृद्धि 20% तक प्रस्तावित करेंगे। कुछ लोकेशन पर यह 100% से अधिक भी हो सकती है। 45 से ज्यादा लोकेशन मर्ज होंगी।

डबरा और भितरवार में बढ़ेंगे कृषि भूमि के रेट
जिले में कुल लोकेशन 2224 हैं। अभी डबरा-भितरवार में कॉलोनियों के कारण बिक रहीं कृषि भूमि व अधिक बसाहट वाले शहरी क्षेत्र में वृद्धि वहां की समितियों ने प्रस्तावित की हैं। यहां स्लैब भी बदलने की तैयारी है। पंजीयन अफसरों के मुताबिक अभी तक जो प्रस्ताव बने हैं उनके मुताबिक लगभग 300 लोकेशन पर रेट वृद्धि तय है। यह संख्या उप मूल्यांकन व जिला समिति की बैठक में घट-बढ़ सकती है।
प्रक्रिया लेट, खानापूर्ति का डर, विभाग ने दी हिदायत
अभी अफसर गंभीर नहीं, वक्त कम होने पर वे खानापूर्ति कर सकते हैं। अफसरों से कहा गया कि वे कागजी खानापूर्ति, तथ्यहीन रिपोर्टिंग न करें। जहां डेवलपमेंट हो रहा है वहां रेट वास्तविक रखें। यहां कृषि भूमि की दरें प्रस्तावित न करें। रेट तय करते वक्त लापरवाही हुई तो उप पंजीयकों पर कार्रवाई भी होगी।

