रक्षक ही बने भक्षक… इंदौर में पुलिसकर्मियों ने की युवक से लूटी 6 लाख की USDT और नकदी, 4 गिरफ्तार !!!
रक्षक ही बने भक्षक… इंदौर में पुलिसकर्मियों ने अवैध कारोबार में फंसाने की धमकी देकर युवक से लूटी 6 लाख की USDT और नकदी, 4 गिरफ्तार
इंदौर में 2 पुलिसकर्मियों ने आरोपियों के साथ मिलकर एक युवक पर अवैध कारोबार का आरोप लगाकर और गिरफ्तार करने की धमकी देकर यूएसडीटी और नकदी लूट ली। शिकायत के बाद डीसीपी कार्यालय और एमआइजी थाने के जवानों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।\
गिफ्तार करने की धमकी देकर पुलिसकर्मियों ने की युवक से लूट
- गिरफ्तार करने की धमकी देकर युवक से लूट
- दो पुलिसकर्मियों सहित चार आरोपी गिरफ्तार
- युवक ने थाने में पुलिसकर्मियों की शिकायत की
इंदौर: क्रिप्टो करंसी और यूएसडीटी के अवैध कारोबार में फंसाने का आरोप लगाकर पुलिसकर्मियों ने एक युवक से छह लाख रुपये लूट लिए। पलासिया पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से गाड़ी और मोबाइल जब्त किए है। आरोपी पुलिसकर्मी डीसीपी कार्यालय और एमआइजी थाना में पदस्थ है।
डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास के मुताबिक आरोपी नावेद, साहिल और सिपाही मनोज और अविनाश को गिरफ्तार किया है। चारों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और लूट का प्रकरण दर्ज हुआ है। डीसीपी के अनुसार घटना शनिवार रात की है। रतलाम निवासी अब्दुल फहद के साथ वारदात हुई थी।
फहद माणिकबाग क्षेत्र में रहता है और क्रिप्टो करंसी और यूएसडीटी का व्यापार करता है। उसने पुलिस को बताया कि शनिवार को वह पलासिया क्षेत्र में एटीएम से रुपये निकालने गया था। तभी पुलिसकर्मी आ गए और पूछताछ के लिए एलआइजी लिंक रोड़ पर अंधेरे में ले गए। आरोपियों ने फहद से पूछताछ की और मोबाइल की जांच की।
गिरफ्तार करने की धमकी देकर लूटा
मोबाइल में क्रिप्टो करंसी और यूएसडीटी का अवैध लेनदेन मिल गया। गिरफ्तार करने की धमकी दी और आरोपियों ने फहद से दो लाख कैश और करीब 4 लाख रुपये कीमती यूएसडीटी नावेद के मोबाइल में ट्रांसफर करवा ली।
फहद ने वकील के माध्यम से साइबर सेल के हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर अकाउंट फ्रीज करवा दिए। रविवार को फहद पलासिया थाने पहुंचा और घटना की रिपोर्ट की। सूचना मिलते ही डीसीपी स्वयं थाने पहुंचे और घटना की पुष्टि कर एफआइआर दर्ज करवा दी।
बयान के लिए बुलाकर पुलिसवालों को हवालात में डाला
टीआइ सुरेंद्र सिंह रघुवंशी ने आरोपितों की काल डिटेल,टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज निकाले और तार जोड़े। डीसीपी ने पुलिस आयुक्त संतोष कुमारसिंह को रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने नावेद और साहिल को हिरासत में लिया। आरोपियों ने पुलिसवालों के नाम बताए और कहा लूट की राशि का बंटवारा कर लिया है। टीआइ ने मनोज और अविनाश को रात में ही पूछताछ के लिए बुलाया और हिरासत में ले लिया।
अविनाश चंद्रवंशी एमआइजी थाना में पदस्थ है और मनोज मालवीय जोन-2 के डीसीपी कुमार प्रतिक के कार्यालय में पदस्थ है। डीसीपी के मुताबिक षड़यंत्रकारी नावेद है। वह मूलत: सोनकच्छ का है और मनोज के साथ पढ़ा है। उसने मनोज को लूटने के लिए तैयार किया और साथ में अविनाश को भी ले लिया।

