एलिवेटेड रोड:अल्टीमेटम का समय निकल गया अधिग्रहण-अतिक्रमण के काम अटके

जमीन अधिग्रहण और अतिक्रमण न हट पाने के कारण एलिवेटेड रोड का प्रोजेक्ट लगातार पिछड़ता जा रहा है। सितंबर में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भू-अर्जन अधिकारी और संबंधित एसडीएम को सख्त हिदायत दी गई थी कि 30 अक्टूबर तक हर हाल में पहले चरण के लिए होने वाले अधिग्रहण व अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को पूरा कर लिया जाए।
लेकिन अब तक इन अधिकारियों की स्थिति यह है कि वे सिर्फ नोटिसों में प्रक्रिया को उलझाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार जलालपुर तिराहे के पास से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के 12-14 पिलर एरिया में जमीन-मकानों को लेकर काम में परेशानी सामने आ रही है। अब अधिकारियों का कहना है कि संभवत: इस महीने ये प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई कर दी जाएगी।
कलेक्टर ने कहा- जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें
कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी, जिसमें सामने आया कि अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द सभी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए अधिग्रहण को पूरा करें और अतिक्रमण भी हटवाएं।
कलेक्टर ने फिर दी हिदायत, कार्यवाही करो
कलेक्टर रुचिका चौहान ने सोमवार को एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। जिसमें उन्होंने अब तक अधिग्रहण व अतिक्रमण के काम लंबित होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हिदायत के साथ निर्देश दिए कि जल्द से जल्द अधिग्रहण का काम पूरा करें। साथ ही अतिक्रमण जहां से भी हटना है वहां विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जल्द अतिक्रमण हटाएं। ताकि एलिवेटेड प्रोजेक्ट के लिए अपेक्षित जमीन मिल सके।
कई प्वॉइंट पर अतिक्रमण, नहीं हो पा रहा काम
जलालपुर तिराहे के पास से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक 6.5 किमी लंबे इस रूट में कई प्वाइंट पर अतिक्रमण पर कार्रवाई करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। जानकारी के अनुसार गंगापुर में मकान हटाया जाना है, जिसको लेकर राजनीतिक दखल भी बढ़ा हुआ है।
वहीं हजीरा पुल पर सिविल अस्पताल की लाइन में बनी 20 से अधिक दुकानें भी नहीं हटाई जा पा रही हैं। ऐसे ही लक्ष्मीबाई समाधि के पिछले हिस्से में भी कई मकान हटाए जाने हैं। ये वे मकान हैं जो कि अधिग्रहित हुई जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए हैं।
अफसरों की ढिलाई, कंपनी बना रही अपनी ढाल
जमीन अधिग्रहण व अतिक्रमण हटने में हो रही देरी को कंस्ट्रक्शन कंपनी श्री मंगलम अपनी ढाल बनाए हुए है। दरअसल कंपनी को इस प्रोजेक्ट का काम इस वर्ष फरवरी-मार्च में पूरा करना था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया, कंपनी को जो जगह काम के लिए खाली मिली।
वहां भी वह तेजी से काम नहीं कर पाई। फिर कंपनी ने अधिग्रहण व अतिक्रमण को लेकर बहाने बनाने शुरू किए और समय बढ़वा लिया। वहीं इस कंपनी का कंसट्रक्शन रिकॉर्ड देरी का ही रहा है। पड़ाव पर तैयार हुए नए आरओबी को भी इसी कंपनी ने बनाया है। जो कि निर्धारित अवधि से करीब दो वर्ष देरी से तैयार हो सका था।

