महाराष्ट्र

6 महीने 6 दिन पहले 66 साल के हुए थे अजित पवार, 6 बार बने डिप्टी सीएम, अंक-6 से रहा खास कनेक्शन

Ajit Pawar Death: 6 महीने 6 दिन पहले 66 साल के हुए थे अजित पवार, 6 बार बने डिप्टी सीएम, अंक-6 से रहा खास कनेक्शन

Ajit Pawar 666 Connection: अजित पवार की राजनीति में ‘666 कनेक्शन’ चर्चा में है. 66 साल की उम्र और 6 बार डिप्टी सीएम रहे. उनका सीएम बनने का सपना 2026 की विमान दुर्घटना के साथ अधूरा रह गया.

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का नाम हमेशा दमदार फैसलों और अचानक राजनीतिक ट्विस्ट के लिए जाना गया. उनकी जिंदगी में एक अजीब संयोग भी चर्चा में रहा, ‘666 कनेक्शन’. अजित पवार 66 साल के थे और खास बात ये भी रही कि मौत से ठीक 6 महीने 6 दिन पहले उन्होंने अपना 66वां जन्मदिन मनाया था. राजनीति में संयोगों की बातें नई नहीं हैं, लेकिन इस बार यह चर्चा उनके जीवन और करियर की परतें खोल देती है
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6 बार बने डिप्टी सीएम, पर सीएम की कुर्सी दूर रही

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में 6 बार सेवा देने वाले अजित पवार के लिए मुख्यमंत्री बनना हमेशा सपना ही रहा. बुधवार को एक दुखद विमान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई और यह सपना अधूरा रह गया. जमीन से जुड़े, साफगोई के लिए मशहूर अजित पवार ने सत्ता के गलियारों में लंबा सफर तय किया, लेकिन शीर्ष कुर्सी तक नहीं पहुंच सके.

2010 से 2024 तक, डिप्टी सीएम का उतार-चढ़ाव भरा सफर

अजित पवार पहली बार 10 नवंबर 2010 को पृथ्वीराज चव्हाण सरकार में उपमुख्यमंत्री बने. करीब 22 महीने बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा, लेकिन राजनीति में उनकी वापसी तेज थी. 25 अक्टूबर 2012 को वे फिर उसी पद पर लौट आए. 2019 में उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार में महज 80 घंटे के लिए डिप्टी सीएम का कार्यकाल देखा, जो महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे नाटकीय अध्यायों में गिना जाता है. बाद में वे उद्धव ठाकरे के साथ सत्ता में रहे.

2 जुलाई 2023 को जब वे एकनाथ शिंदे सरकार के समय एनडीए में शामिल हुए, तब भी डिप्टी सीएम बने. 5 दिसंबर 2024 से वे फडणवीस सरकार में फिर उसी पद पर थे. इस तरह कुल मिलाकर 6 बार डिप्टी सीएम बने.

2019 की ‘कलाबाजी’ के बाद देवेंद्र फडणवीस का भरोसा अजित पवार पर पूरी तरह नहीं था. लेकिन सत्ता संतुलन साधने के लिए एकनाथ शिंदे को अजित पवार की जरूरत थी. यही वजह रही कि उन्हें साथ बनाए रखना राजनीतिक मजबूरी बन गई.

संयोग या किस्मत?

‘666 कनेक्शन’ को लेकर चर्चाएं भले तेज हों, पर यह महज संयोग है. हकीकत यह है कि अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति पर गहरी छाप छोड़ी. 6 बार डिप्टी सीएम बने, फैसले लिए, विवाद झेले लेकिन मुख्यमंत्री बनने का सपना अधूरा ही रह गया.

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