मध्य प्रदेश

SI का आरोप- SP ने गालियां दी…झूठी जांच शुरू कराई !!!!

SI का आरोप- SP ने गालियां दी…झूठी जांच शुरू कराई:ऑफिस से धक्के देकर बाहर निकालने की धमकी दी; लिखा- शिकायत को ही सुसाइड नोट मानें
देहात एसपी पर एसआई ने प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।

भोपाल के देहात एसपी रामशरण प्रजापति पर एक सब इंस्पेक्टर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सूखी सेवनिया थाने के एसआई केसी यादव ने कहा है कि एसपी ऑफिस में उन्हें गालियां दी गईं। विरोध करने पर धक्के देकर बाहर करने की धमकी मिली।

थाने आने के बाद एसआई यादव ने रोजनामचा रिपोर्ट डाल दी। इसकी भनक एसपी प्रजापति को लग गई। उन्होंने दोबारा फोन पर फटकार लगाई। दो अलग-अलग प्रकरण में विभागीय जांच शुरू करा दी गई।

एसआई केसी यादव ने सीनियर अफसरों से लिखित शिकायत की है। उन्होंने लिखा है कि यदि न्याय नहीं मिला तो शिकायत को ही सुसाइड नोट मान लिया जाए।

एसआई यादव ने एसपी रामशरण प्रजापति की लिखित शिकायत की है।
एसआई यादव ने एसपी रामशरण प्रजापति की लिखित शिकायत की है।

आईजी से लेकर मानवाधिकार आयोग तक को भेजी शिकायत

एसआई केसी यादव ने आईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी है। इसमें अपने साथ हुई बदसलूकी का जिक्र करते हुए लिखा- 14 सितंबर 2025 को एसपी रामशरण प्रजापति ने आबकारी एक्ट के एक अपराध की डायरी मंगाई थी।

मीटिंग के बाद मैंने हाईकोर्ट में भेजने के लिए डायरी वापस मांगी तो एसपी ने इसे गुस्ताखी मानकर अपशब्द कहे और डायरी एसडीओपी मंजू चौहान से लेने के लिए कह दिया।

30 साल की नौकरी में मेरे साथ पहली बार इस तरह का दुर्व्यवहार हुआ है। मैंने व्यथित होकर आत्महत्या का मन बना लिया था, लेकिन स्टाफ के समझाने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण इरादा बदल दिया। फिर मैंने थाने के रोजनामचे में पूरी घटना दर्ज कर दी।

लिखा- एसपी से महिला अधिकारी भी परेशान

एसआई यादव ने अपनी शिकायत में कई छोटे अफसरों को एसपी प्रजापति की प्रताड़ना का शिकार बताया है। उन्होंने लिखा- महिला अधिकारी भी परेशान हैं, लेकिन डर के कारण कोई सामने नहीं आ रहा है।

पिछले चार महीने में एसपी ने मुझे इतना प्रताड़ित किया कि अब दो ही रास्ते बचे हैं। या तो अफसरों को सारी घटना बताकर उनसे न्याय मांगू या आत्महत्या कर लूं। मैंने न्याय के लिए अपनी आपबीती अफसरों के सामने रखी है। यदि न्याय नहीं मिला तो शिकायत को ही सुसाइड नोट मान लिया जाए।

एसआई केसी यादव सूखी सेवनिया थाने में तैनात हैं।
एसआई केसी यादव सूखी सेवनिया थाने में तैनात हैं।

दो महीने पहले टीआई से हुआ था विवाद

यह पहला मामला नहीं है, जब एसपी देहात रामशरण प्रजापति का नाम विवादों में आया हो। पिछले साल नवंबर में भोपाल देहात क्षेत्र में पदस्थ थाना प्रभारी आशीष सप्रे को लाइन अटैच करने का आदेश उन्होंने जारी किया था।

आदेश में टीआई को तत्काल प्रभाव से लाइन में आमद देने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, 24 घंटे के भीतर ही यह आदेश निरस्त कर दिया गया। टीआई को लाइन अटैच करने की कार्रवाई पशु मेले को शिफ्ट कराने की धमकी देने और व्यापारियों से बदसलूकी के आरोपों के बाद की गई थी।

लाइन अटैच किए जाने की सूचना मिलते ही टीआई आशीष सप्रे ने आपत्ति जताते हुए एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी सफाई दी, लेकिन एसपी ने उनका पक्ष स्वीकार नहीं किया और आदेश पर कायम रहे। इस दौरान टीआई और एसपी के बीच तीखी नोक-झोंक होने की भी चर्चा रही।

थाना प्रभारी आशीष सप्रे से भी एसपी प्रजापति की नोक-झोंक हुई थी।
थाना प्रभारी आशीष सप्रे से भी एसपी प्रजापति की नोक-झोंक हुई थी।

कुछ ही घंटों में निरस्त किया लाइन अटैच का आदेश

थाना प्रभारी आशीष सप्रे को लाइन अटैच करने के मामले में अप्रत्याशित रूप से कुछ ही घंटे बाद एसपी कार्यालय से एक और आदेश जारी हुआ था। इसमें लाइन अटैच करने का आदेश निरस्त कर दिया गया। एसपी रामशरण प्रजापति ने इस फैसले को पूरी तरह प्रशासनिक दृष्टि से लिया गया फैसला बताया था। तब से टीआई सप्रे अपने पद पर यथावत हैं।

दरअसल, टीआई को लाइन हाजिर करने का आदेश सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया था। संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदर्शन किया जाएगा।

एसआई के आरोपों पर एसपी ने नहीं दिया कोई जवाब

…. ने एसआई केसी यादव की शिकायत पर एसपी रामशरण प्रजापति से पक्ष जानना चाहा, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। एसपी को मैसेज भेजा गया, लेकिन उसका भी उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

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