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बिहार चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने वाले प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से झटका!!!

आपकी पार्टी को कितने वोट मिले… बिहार चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने वाले प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से झटका

बिहार में फिर से चुनाव कराने की मांग करने वाली जन सुराज पार्टी की याचिका को सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया. सुनवाई के दौरान कोर्ट में पार्टी से पूछा कि आपकी राजनीतिक पार्टी को कुल कितने वोट मिले? लोग आपको नकार देते हैं और फिर आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल करते हैं.

बिहार में विधानसभा चुनाव रद्द करने और फिर से चुनाव कराने की मांग करने वाली प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की याचिका को सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पार्टी से पूछा कि आपकी राजनीतिक पार्टी को कुल कितने वोट मिले? लोग आपको नकार देते हैं और फिर आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल करते हैं.

यह बहुत ही गंभीर मुद्दाः वकील

वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है. अदालत को इसमें हस्तक्षेप कर जवाब तलब करना चाहिए. इस पर सीजेआई ने कहा कि यह महिलाओं की मदद के लिए जारी की गई राशि का हिस्सा था. वकील ने कहा कि यह तय समय पर सोच समझकर किया गया फैसला है. यह उन सभी महिलाओं के लिए किया गया जिनके पति इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते.

सीजेआई ने कहा कि मुख्य बात ये है कि आपने रिट याचिका में पूरे बिहार चुनाव को रद्द करने की मांग की है. इस पर वकील का कहना है कि जिस राज्य का घाटा बहुत हो. वहां पर ऐसी योजना अचानक घोषित की जाती है. सीजेआई ने कहा कि याचिका में सभी चुनाव रद्द करने की बात की गई है.

आपको कितने वोट मिलेः CJI

सीजेआई ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “आपकी राजनीतिक पार्टी को कितने वोट मिले? लोग आपको नकारते हैं और फिर आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल करते हैं.” इस पर जन सुराज पार्टी की ओर से याचिका वापस ले ली गई, जिसे सीजेआई ने मंजूर कर लिया.

इससे पहले चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने कल सुप्रीम कोर्ट में बिहार चुनाव को रद्द करने को लेकर याचिका लगाई थी. पार्टी की याचिका में कहा गया था कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए राज्य की कल्याणकारी योजना का दुरुपयोग किया गया था.

जन सुराज का कैसा रहा था प्रदर्शन

पार्टी की याचिका में खासतौर से नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार द्वारा चुनावों से ठीक पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर निशाना साधा गया था. इस योजना के तहत राज्य ने हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार शुरू करने में मदद करने के लिए सीधे 10,000 रुपये हस्तांतरित करने का फैसला लिया था, साथ ही मूल्यांकन के बाद 2 लाख रुपये देने का भी वादा किया था.

साल 2024 में गठित जन सुराज पार्टी ने 2025 में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया था. जोर-शोर से चुनाव में उतरी पार्टी ने 243 से 238 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे, लेकिन वह एक भी सीट नहीं जीत पाई. उसे कुल पड़े वोट में से महज 3.4 फीसदी यानी 16,77,583 वोट ही मिल सका था.

238 सीटों में से महज एक सीट पर पार्टी का प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहा था, जबकि 115 सीटों पर तीसरे नंबर पर रही थी. पार्टी की हालत इस कदर खराब रही कि 236 सीटों पर उसके प्रत्याशियों की जमानत ही जब्त हो गई थी.

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