ग्वालियर में सरकारी विभागों में किराये पर गाड़ियां लगाने के नाम पर एक और ठगी, 4 करोड़ के वाहन गायब
ग्वालियर में सरकारी विभागों में किराये पर गाड़ियां लगाने के नाम पर एक और ठगी, 4 करोड़ के वाहन गायब
ग्वालियर में गाड़ियों के रेंटल स्कैम का एक नया मामला सामने आया है। इस बार हिमाचल शर्मा नाम का एक ठग 35 गाड़ियों को लेकर फरार हो गया है। आरोपी ने सरकारी विभाग और बड़ी कंपनियों में गाड़ियां किराये पर लगाने का झांसा देकर इस ठगी को अंजाम दिया है।
HighLights
- सरकारी विभाग में गाड़ियां किराये पर लगाने के नाम पर ठगी
- आरोपी ने शहर में लोगों की 35 गाड़ियों को किया खुर्द-बुर्द
- पीड़ित की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया मामला
ग्वालियर: ग्वालियर में एक बार फिर रेंटल स्कैम का बड़ा मामला सामने आया है। इस बार करीब 35 गाड़ियां किराये पर लेकर शातिर ठग फरार हो गया। सिटी सेंटर के पटेल नगर का रहने वाले ठग हिमाचल शर्मा ने कई लोगों से सरकारी विभाग व बड़ी कंपनियों में गाड़ियां किराये पर लगाने का झांसा दिया। इसके बाद कार से लेकर ट्रैक्टर और ट्रक तक लेकर फरार हो गया। उसने 35 गाड़ियां खुर्द-बुर्द की हैं। कुछ लोगों की गाड़ियां गिरवी रखकर कर्ज ले लिया तो कुछ गाड़ियों का सौदा ही कर डाला।
इस मामले में सोमवार रात करीब 11.30 बजे क्राइम ब्रांच ने शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले अभय भदौरिया को पुलिस ने इसी तरह के फर्जीवाड़े में पकड़ा था। उसने भी करीब तीन करोड़ रुपए की गाड़ियां खुर्द-बुर्द कर दी थीं। उसके पास से 21 गाड़ियां पुलिस ने बरामद कर ली। क्राइम ब्रांच ने एफआइआर दर्ज कर हिमाचल शर्मा की तलाश शुरू कर दी है।
- संजय धाकड़- ट्रैक्टरहवलदार धाकड़- स्कार्पियो
- रविंद्र धाकड़- ट्रैक्टर
- विशाल धाकड़- स्कार्पियो
- बलवीर धाकड़- औरा
- अंकित धाकड़- औरा
- सुकेर धाकड़- किआ केरेंस
- दीपू धाकड़- ट्रैक्टर
- नरेंद्र धाकड़- औरा
- दीपक धाकड़- ट्रैक्टर
- विनोद धाकड़- बोलेरो
- कल्याण यादव- स्कार्पियो
- संजय शर्मा- ट्रैक्टर
- प्रदीप बघेल- ट्रैक्टर
- योगेंद्र गुर्जर- औरा
- संतोष धाकड़- ट्रैक्टर
- शुभम त्रिपाठी- बोलेरो निओ, वेन्यु
- राकेश भटेले- बोलेरो
- रणवीर सिंह सेंगर- किआ केरेंस
- सुनील गुर्जर- अर्टिगा
- धर्मेंद्र जिवरिया- र्यूमिन
- शुभम पाल सिंह जादौन- 3 बोलेरो, 1 औरा
- ऊषा देवी परमार- बोलेरो निओ
- हेमंत शर्मा- स्कार्पियो
- शिवा यादव- र्यूमिन
- विवेक त्रिपाठी- बोलेरो बी 6
- चंचल श्रीवास्तव- बोलेरो बी 6
- शशांक जैन- बोलेरो बी 6
- रेनू तोमर- नेक्सोन, 2 बोलेरो
- सतेंद्र त्रिपाठी- बोलेरो बी 6, बोलेरो निओ
- मुकेश परिहार- आयशर ट्रक
ऐसे ठगों से बचने के लिए 3 सावधानी
- अनुबंध-पुलिस सूचना जरूरी: जब भी किसी विभाग या एजेंसी में गाड़ी किराये पर दें तो अनुबंध जरूर करें। इसकी सूचना संबंधित थाने में दें। जिससे अनुबंध कर रहे हैं, उसका पुलिस वेरीफिकेशन भी कराएं।
- जीपीएस जरूरी: आपकी कोई भी गाड़ी हो अब एआइ वाली जीपीएस डिवाइस आने लगी हैं, जिनके जरिये गाड़ी की लाइव लोकेशन पर निगाह रखी जा सकती है।
- विभाग में पड़ताल: जिस विभाग, कंपनी में गाड़ी लगने का वादा किया जा रहा है, उस विभाग में पता कर लें।
आपबीती
मेरी मुलाकात सिटी सेंटर निवासी हिमाचल शर्मा से हुई थी। उसने कहा कि उसकी सरकारी विभागों में पहचान है। वह यहां गाड़ियां किराये पर लगाने का काम करता है। कुछ बड़ी कंपनियों में भी पहचान है। उसने ट्रैक्टर किराये पर लिया था। 25 हजार रुपए प्रतिमाह और एक लाख रुपए पहली किस्त देने का वादा किया था। उसे पिछले साल ट्रैक्टर दे दिया। इसके बाद न तो रुपए मिले न ही ट्रैक्टर वापस मिला। जो जमा-पूंजी थी, वह भी गंवा बैठा।
निवासी- गढ़ी, जिला श्योपुर


गाड़ियां किराये पर लगाने के नाम पर ठगी (सांकेतिक फोटो)