मुरैना प्रशासन का खानापूर्ति अभियान …!
रेत के डंप ढेरों को समतल कर लौटा एक सैकड़ा अमला, दूसरी तरफ राजघाट पर रेत भर रहे सैकड़ों ट्रेक्टर …
मुरैना का जिला प्रशासन अब खानापूर्ति अभियान में लग गया है। इसमें पुलिस विभाग भी शामिल हो गया है। बीते दिन गुरुवार को जिला व पुलिस प्रशासन का एक सैकड़ा से अधिक अमला राजघाट पहुंचा तथा वहां रेत माफिया द्वारा डंप किए रेत के ढेरों को समतल किया गया। वहीं दूसरी तरफ राजघाट पर सैकड़ों की संख्या में अवैध ट्रेक्टर ट्रालियों द्वारा रेत का खनन किया जा रहा था, लेकिन एक भी ट्रेक्टर ट्राली को नहीं पकड़ा गया। प्रशासन के इस खानापूर्ति अभियान की चर्चा अब सब जगह हो रही है। बता दें, कि जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रुप से एक टीम का गठन किया गया। इसमें जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम शाक्य, जिला खनिज अधिकारी व पुलिस प्रशासन की तरफ से एएसपी रायसिंह नरवरिया, सीएसपी अतुल सिंह व स्टेशन रोड थाना प्रभारी आशीष राजपूत सहित लगभग एक सैकड़ा से अधिक अमला लेकर चंबल के राजघाट पर धावा बोला गया। अमले के साथ जेसीबी मशीनें भी मौजूद थीं। लगभग दर्जन भर गाड़ियों में सवार अमला सीधे राजघाट पर जब पहुंचा तो लोगों ने सोचा कि आज बड़ी कार्यवाही की जाएगी तथा दर्जनों ट्रेक्टर ट्रालियों को पकड़ा जाएगा। लेकिन यह क्या, अमले के सदस्य उन डंप रेत के छोटे टीलों की तरफ मुड़ गए जो रेत माफिया या यूं कहे कि स्थानीय गांव वालों ने डंप करके रखे थे। अधिकारियों का आदेश पाते ही जेसीबी के चालक उन रेत के ढेरों को समतल करने लगे। जेसीबी से रेत को जमीन पर बिछाया जाने लगा। वहीं दूसरी तरफ राजघाट पर सैकड़ों की तादात में ट्रेक्टर ट्रालियों की लाइन लगी थी, लेकिन अमले ने उधर जाने की हिमाकत नहीं की। लगभग दो घंटे तक अधिकारियों का यह अभियान चला और जब छोटे ढेरों के रेत को जमीन पर बिछा दिया गया तो अमला वापस लौट आया।
सरेआम लग रही अवैध रेत की मंडियां
मुरैना में अगर आप सुबह-सुबह शहर के बड़ोखर चौराहा या फिर बैरियर चौराहे पर जाएंगे तो आपको चंबल के अवैध रेत से भरी ट्रेक्टर ट्रालियां मिल जाएंगी। इन ट्रेक्टर ट्रालियों के चालक बेखौफ होकर रेत का कारोबार करते देखे जा सकते हैं। यही हाल बानमोर के मुख्य चौराहे का है। यहां भी अवैध रेत की ट्रेक्टर ट्रालियां खड़ी मिल जाएंगी, जबकि बगल में पुलिस थाना है।

थानों के सामने से फर्राटा मारते निकलते रेत के ट्रेक्टर
मुरैना के पुलिस थानों के सामने से चंबल के अवैध रेत को भरकर फर्राटा मारकर निकलते ट्रेक्टर ट्रालियों को आसानी से देखा जा सकता है। इन ट्रेक्टर ट्रालियों को रोकने की हिमाकत कोई पुलिस ऑफीसर नहीं करता है। इसका क्या कारण हो सकता है, इसे आसानी से समझा जा सकता है।
राजनैतिक हस्तक्षेप आ रहा आड़े
नाम न छापने की शर्त पर पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अवैध रेत भर कर चल रहे ट्रेक्टर ट्रालियों को न पकड़ने के पीछे मुख्य कारण राजनैतिक हस्तक्षेप है, इसके कारण भी पुलिस व प्रशासन के अधिकारी इन पर हाथ नहीं डालते हैं। अगर कभी प्रदेश सरकार की तरफ से कोई आदेश आ जाता है तो खानापूर्ति के लिए रेत समतलीकरण की कार्यवाही जैसा कि गत दिवस की गई है, कर दी जाती है।
कहते हैं अधिकारी
लगभग 805 ट्रेक्टर ट्राली डंप रेत को नष्ट किया गया है। यह कार्यवाही रेत खनन पर अंकुश लगाने के लिए की गई है।
रायसिंह नरवरिया, ASP, मुरैना