नर्सिंग कॉलेजों में भूतिया फैकल्टी …?
जबलपुर के स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज में लीना नाम की किसी महिला प्राचार्य के तैनात न होने की पुष्टि हो चुकी है। उसे 12 कॉलेजों की फैकल्टी में दिखाया गया है। ऐसा ही भुतहा मामला मामला मान सिंह सक्सेना के साथ है। उनके नाम जबलपुर स्थित कोठारी नर्सिंग कॉलेज समेत 7 नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी में दर्ज हैं। शुक्रवार को पत्रिका की पड़ताल में साफ हुआ कि इस कॉलेज में मान सिंह नामक कोई फैकल्टी कभी कार्यरत ही नहीं रहा। संजीवनी नगर स्थित कोठारी नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य अनिता तिवारी ने बताया कि वे दिसंबर 2020 से यहां प्राचार्य हें। लेकिन उनकी जानकारी में यहां कोई मानसिंह या मानसिंह सक्सेना पदस्थ नहीं है।
● एसोसिएट प्रोफेसर, भंडारी कॉलेज ऑफ नर्सिंग इंदौर, रजि-एमजी 16108911
● एसोसिएट प्रोफेसर, संजीवनी स्कूल ऑफ नर्सिंग धार, रजि-एमजी 16101924
● लार्ड कृष्णा कॉलेज ऑफ नर्सिंग दतिया, ट्यूटर, रजि- एआई 35606 डीआईआई 34956
● कोठारी कॉलेज ऑफ नर्सिंग जबलपुर, वाइस प्रिंसिपल, रजि-एमजी 16108373
● पंचशील नर्सिंग कॉलेज शहडोल, वाईस प्रिंसिपल, रजि-एमजी 16106700
● मैट स्कूल ऑफ नर्सिंग शिवपुरी, वाईस प्रिंसिपल, रजि-एमजी 16108478
● एनएस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस छिंदवाड़ा, वाइस प्रिंसिपल, रजि- एमजी 16107292
हाईकोर्ट की सख्ती के सिर्फ मान्यता निलंबित
नर्सिंग काउंसिल ने हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 93 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता निलंबित कर दी है। जबलपुर के जिन 7 कॉलेजों की मान्यता निलंबित की गईं, उनमें भी भवन समेत फैकल्टी की गड़बड़ी मिली है। हालांकि कॉलेजों की अभी जांच शुरू नहीं हो सकी है। मली हैं।
जबलपुर. व्यावसायिक भवन में चल रहा कोठारी नर्सिंग कॉलेज।
कॉलेजों के भवन की हालत
जबलपुर के स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज पहले से ही चल रहे इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेज के बीच भवन के एक हिस्से में चल रहा है। इसे ही जिम्मेदारों ने नर्सिंग कॉलेज बना दिया। कोठारी नर्सिंग कॉलेज व्यावसायिक भवन में चल रहा है।
शहडोल में भी नहीं रहा कार्यरत
शहडोल के सरदार पटेल नगर स्थित पंचशील नर्सिंग कॉलेज की मान्यता के लिए नर्सिंग काउंसिल को दिए दस्तावेजों में भी मानसिंह सक्सेना को वाइस प्रिंसिपल बताया गया। कॉलेज के वर्तमान प्रभारी प्राचार्य नीरज कुमार ने बताया कि वे प्राचार्य सुनीता शर्मा के अवकाश पर रहने की वजह से प्रभारी हैं। उन्होंने भी मान सिंह की तैनाती से इनकार किया। कॉलेज प्रबंधन ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।