टोल कंपनी पर 9.41 करोड़ का जुर्माना लगाया, बाद में 6.23 लाख में निपटाया ???
मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के स्टेट हाइवे-15 बाड़ी-बकतरा टोल वसूली में सरकारी खजाने को 9.35 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। यहां जिस टोल कंपनी के पास रखरखाव का काम था, उसके ठीक से काम नहीं करने पर एमपीआरडीसी ने 9,41,24,775 रुपए का जुर्माना लगाया गया था।
शुरुआत में यह 6.39 करोड़ रुपए था, लेकिन ब्याज और अन्य राशि मिलाकर यह बढ़कर 9.41 करोड़ रुपए हो गया। संभागीय स्तर के अफसरों ने 21 नोटिस जारी करके इतनी राशि तय की थी, जिसे बाद में कुछ अफसरों ने केवल 6.23 लाख रुपए में बदलकर पूरा निपटा दिया। यह पूरा मामला हाल ही में तब सामने आया, जब इसकी जांच के लिए एमपीआरडीसी ने दस दिन पहले एक कमेटी बनाई।
यह है मामला
स्टेट हाइवे-15 बाड़ी, बकतरा पर करीब 58.80 किमी सड़क पर बीओटी मॉडल पर बाड़ी बकतरा टोल प्राइवेट लिमिटेड को साल 2016 में दस साल के लिए काम सौंपा गया था। अनुबंध के मुताबिक गुजरात की इस कंपनी को टोल वसूली के साथ-साथ सड़क का नियमित रखरखाव, नवीनीकरण और मरम्मत भी करनी थी।
हर साल सड़क की कुल लंबाई में से 15 फीसदी पर बिटुमिन वर्क करना था। लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि कंपनी ने पांच के अनुबंध के दौरान रखरखाव नहीं किया और टोल वसूली लगातार जारी रखी।
21 नोटिस के बाद तय की थी 9.41 करोड़ रुपए की राशि
कंपनी को काम मिलने के दूसरे साल से ही सड़क में मेंटनेंस नहीं होने की शिकायत मिलने लगी। इसके बाद एमपीआरडीसी के डिवीजनल मैनेजर की तरफ से इस कंपनी को लगातार नोटिस दिए जाने लगे। खासकर साल 2019 से 2022 के बीच सबसे अधिक नोटिस दिए।
इन नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे, टूट-फूट और दुर्घटना की स्थिति बनने लगी थी। इसके बाद भी कंपनी ने मरम्मत नहीं कराई। एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने बताया कि हमने कमेटी बनाकर जांच शुरू करवा दी है। 28 जनवरी को गठित की गई कमेटी में तकनीकी सलाहकार आरके मेहरा को अध्यक्ष, जीएम बीओटी आरएस चंदेल और विधिक सलाहकार स्वास्तिक सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया है।

